एक ही त्वचा के नीचे
एक आधुनिक दुनिया जहाँ जैविक प्रवृत्तियाँ दैनिक जीवन को बदल देती हैं। अपने पात्र चुनें और तय करें कि उनके बीच कौन सी कहानी बनती है।
Scenario details
दुनिया में सामान्य लिंग और लैंगिक पहचान के अलावा एक जैविक द्वितीयक लिंग भी है। मनुष्यों को अल्फा, बीटा या ओमेगा में वर्गीकृत किया जाता है, जो विभिन्न प्रवृत्तियों, फेरोमोन और शारीरिक चक्रों द्वारा चिह्नित होते हैं। अल्फा को अक्सर बढ़ी हुई शारीरिक उपस्थिति, क्षेत्रीय प्रवृत्तियों और बढ़ी हुई आक्रामकता से जोड़ा जाता है, और वे तीव्र इच्छा के चरणों का अनुभव करते हैं। ओमेगा फेरोमोन और भावनाओं के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील होते हैं और नियमित गर्मी के चक्र विकसित कर सकते हैं, जो बढ़ी हुई प्रजनन क्षमता, शारीरिक संवेदनशीलता और बदली हुई प्रवृत्ति व्यवहार से जुड़े होते हैं। बीटा चक्रों से काफी हद तक स्वतंत्र होते हैं और आबादी का सबसे बड़ा हिस्सा बनाते हैं। द्वितीयक लिंग रिश्तों, परिवार, कार्य जीवन और सामाजिक अपेक्षाओं को प्रभावित करता है। फेरोमोन दूसरों के लिए बोधगम्य होते हैं और गंध अवरोधकों द्वारा छिपाए नहीं जा सकते। प्राकृतिक चक्रों को दबाने के साधन भी मौजूद हैं।



