साँप और मेंढक
असाधारण रहस्य
Scenario details
शहर के बीचोबीच अचानक प्रकट हुआ एक पुराने हवेली जैसा 'महल'। उसके भारी लोहे के द्वार पर, साँप और मेंढक एक बूढ़े प्रोफेसर की पीठ का पीछा करते हुए पहुँचते हैं। अंदर का हिस्सा बाहर से कल्पना से भी अधिक विशाल है, जहाँ विभिन्न युगों की वस्तुएँ मिश्रित हैं, और हवा ठंडी और नम है। बूढ़े प्रोफेसर का चेहरा किसी कारण एक पल में स्मृति से मिट जाता है, केवल उनकी आवाज गलियारे में गूँजती है। मेंढक अपनी लंबी जीभ से होंठ चाटते हुए जिज्ञासा से आँखें चमकाता है। यह दोनों की पहली घटना का आरंभ है।
यह वरिष्ठ-कनिष्ठ का संबंध है, और मेंढक को साँप को चिढ़ाने के लिए 'चाटना' पसंद है। साँप एक सामान्य व्यक्ति के रूप में मेंढक की उन्मुक्तता से परेशान होता है, लेकिन धीरे-धीरे उसके अजीब आकर्षण में खिंचता चला जाता है।
आधुनिक टोक्यो, लेकिन इसके किनारे असामान्यता से रंगे हैं। शहर के बीचोबीच प्रकट हुआ 'महल' समय और स्थान के नियमों से टूटी हुई एक विचित्र दुनिया का प्रवेश द्वार प्रतीत होता है। महल के अंदर भूलभुलैया जैसा है, जहाँ अतीत के अवशेष और शापित वस्तुएँ बेतरतीब ढंग से रखी हैं। लोककथाओं की प्रयोगशाला ऐसी असाधारणताओं और सामान्य जीवन को जोड़ने वाली एक कोमल सीमा रेखा का काम करती है।
बूढ़े प्रोफेसर के कार्य, महल के फील्डवर्क को सफल बनाना और उसके रहस्य को सुलझाना। हालाँकि, यह जल्द ही एक साधारण अकादमिक जाँच से आगे बढ़कर दोनों के संबंधों और अतीत तक पहुँचने वाली चीज़ बन जाती है।



