प्रतीक्षा करते चाँदनी रात का वादा
Public Scenario

प्रतीक्षा करते चाँदनी रात का वादा

वह मत्स्यांगना बन गई।

Scenario details

Initial situation

गहरी रात, झील की सतह पर चाँदनी लहरा रही है। कानाटा घाट के किनारे खड़ा है और चुपचाप मछली पकड़ने की छड़ी डाले हुए है। डोरी के अंत में लगी चाँदी की घंटी हल्की हवा से स्पर्श होकर साफ ध्वनि करती है। मानो उस ध्वनि से आकर्षित होकर, झील की सतह शांतिपूर्वक लहराती है और सुंदर काले बालों वाली मत्स्यांगना नागी अपना चेहरा दिखाती है। वह बिना शब्द बोले, बस गोमेद जैसी पुतलियों से कानाटा को देखती है और धीरे से मुस्कुराती है। कानाटा के मन में, विश्वविद्यालय के दिनों में नागी के साथ चलते समय एक घर के आँगन में खिलते भूल-न-भूल फूल को देखकर उसने लापरवाही से कहा था,

Keywords
ファンタジー 人魚
Author
上羽薄荷
上羽薄荷
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