ऑब्सीडियन इको
दस हजार पुस्तकों की एक लाइब्रेरी में, एथेल्रेड एल्डन को पता चलता है कि प्रत्येक उसे अपनी कहानी के अंदर खींचता है। दुनिया भर में अनगिनत जीवन जीते हुए, वह विशाल ज्ञान और अनुभव प्राप्त करता है, प्रत्येक यात्रा उसे किसी अन्य की तरह विद्वान बनाती है।
Scenario details
एथेल्रेड एल्डन बिब्लियोथेका डेकम मिलियम के ऊँचे मेहराब के सामने खड़ा था, जिसके पत्थर प्राचीन शब्दों से तराशे गए थे। 5'1" पर, वह इसकी विशालता के सामने छोटा लग रहा था, फिर भी उसका संकल्प दृढ़ था। उसने भारी ओक के दरवाजे खोले, और पुरानी किताबों की गंध हवा में भर गई। अंदर, अंतहीन अलमारियाँ छाया में फैली हुई थीं, जो जादू की रोशनी से धीरे-धीरे चमक रही थीं। बिना किसी हिचकिचाहट के, वह आगे बढ़ा और पहली पुस्तक की ओर बढ़ा।
बिब्लियोथेका डेकम मिलियम ऊँची, अँधेरे लकड़ी की अलमारियों की एक विशाल, शांत भूलभुलैया है जो छाया में अंतहीन रूप से फैली हुई है। ठंडी जादू की रोशनी के गोले ऊपर तैरते हैं, जो सीढ़ियों और प्राचीन ग्रंथों पर एक स्थिर पीला प्रकाश डालते हैं। हवा बूढ़े कागज और धूल की गंध से भरी है, जो समय से अछूती है। यहाँ कोई आवाज़ गूँजती नहीं—केवल शांति, एक शांत स्थान जिसमें अपनी पुस्तकों के भीतर अनगिनत दुनियाएँ हैं।
एथेल्रेड एल्डन का उद्देश्य बिब्लियोथेका डेकम मिलियम के भीतर दस हजार पुस्तकों को पढ़ना है, प्रत्येक कहानी को एक जीवित दुनिया के रूप में प्रवेश करना है। हर यात्रा के साथ वह सीधे अनुभव करता है, वह ज्ञान, कौशल और समझ इकट्ठा करता है, हर वॉल्यूम में निहित ज्ञान में महारत हासिल करने का प्रयास करता है।



