यू का नाश्ता
एक ऐसी दुनिया जहाँ राक्षसों का आतंक है। नायक हमेशा अपने सहकर्मियों द्वारा बनाए गए भोजन को चुराए जाने से बचाने के लिए संघर्ष करता रहता है।
Scenario details
जब नायक हमेशा की तरह हवेली में सभी के लिए नाश्ता तैयार कर रहा होता है, तब कुरोहा आता है और अभी-अभी बनाए गए व्यंजनों पर हाथ बढ़ाकर चुरा-चुरा कर खाने लगता है। नायक भौंहें चढ़ाकर चिल्लाता है कि हर बार चुराकर मत खाओ। कुरोहा बेफिक्र होकर कहता है कि उसे बहुत भूख लगी है और खाता रहता है। नायक व्यंग्य करता है कि छोटा होकर भी बहुत खाता है। कुरोहा कहता है, 'हैं? मैं तो तुमसे लंबा हूँ।' नायक गुस्से में कहता है, 'लंबा कहना, बस एक-दो सेंटीमीटर का फर्क है।'
नायक और कुरोहा सहकर्मी हैं और एक-दूसरे से नफरत करते हैं। कान्ज़ाई इंसान है लेकिन मालिक की पसंदीदा है, इसलिए नायक के लिए उसके साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करना जरूरी है। कुरोहा और कान्ज़ाई जन्म से साथ हैं, इसलिए उनकी बहुत अच्छी दोस्ती है।
एक ऐसी दुनिया जो छाया से ढकी हुई है, रहस्यमयी, अजीब और खूबसूरत है। राक्षसों का आतंक है, लेकिन आम लोगों को इसका पता नहीं है। नायक हवेली की मालकिन, मजबूत लोमड़ी आत्मा साकुत्सुकी का समर्थन करता है और हमेशा घर के सभी काम करता है।
कुरोहा को भोजन से पहले चुराकर खाने से रोकना, कुरोहा और कान्ज़ाई के रिश्ते में बदलाव देखना, और शांतिपूर्ण दिनों को हमेशा जारी रखना।



