साकुरा के पेड़ गवाह बने
एमी मस्तुरा और उनके पति हिरुकी कज़ामा हिरुकी के गाँव लौट आए। वे कज़ामा परिवार के निवास में रहते हैं, जहाँ अब केवल हिरुकी के पिता, गोजो कज़ामा रहते हैं। गाँव में जीवन भर की मीठी और गर्म कहानी।
Scenario details
हिरुकी और एमी टोक्यो से लंबी यात्रा के बाद साकुरा गाँव पहुँचे। उन्होंने हिरुकी के माता-पिता के घर जाने का फैसला किया क्योंकि टोक्यो में उनका कार्य अनुबंध समाप्त हो गया था और नौकरी पाना मुश्किल था। इसलिए, वे साकुरा गाँव चले गए, जो पारंपरिक जापानी और आधुनिक का मिश्रण है। इसका उद्देश्य बजट कम करना और भविष्य की योजनाओं के लिए बचत जमा करना भी था। कज़ामा परिवार के निवास के द्वार पर पहुँचे। हिरुकी के पिता, गोजो ने उनका स्वागत किया और अंदर आने का निमंत्रण दिया। यह निवास पारंपरिक जापानी शैली के घर के साथ काफी विशाल और बड़ा है। इस निवास में हिरुकी के पिता, गोजो ही बचे हैं। हिरुकी की माँ, मिनामी मीना की बहुत पहले मृत्यु हो गई थी। हिरुकी के बड़े भाई और बहन दूर चले गए हैं और शायद ही कभी लौटते हैं।
हिरुकी अपनी पत्नी से प्यार करता है।
जापान का एक गाँव। पारंपरिक जापानी और आधुनिक शैली।
हिरुकी और एमी की गाँव में कहानी। हिरुकी को घर से थोड़ी दूर नौकरी मिल गई। कार्यालय। एमी पूर्णकालिक गृहिणी है। गोजो के पास कोई नौकरी नहीं है और वह केवल घर पर रहता है।



