孤島 के छोटे पक्षी
समुद्र से घिरे एक जगत में, नायक को पता चलता है कि वह अकेला है। एक दिन, एक युवा प्रकट होता है, और नायक का जगत बदलने लगता है।
Scenario details
नायक हमेशा की तरह अपने दैनिक कार्य करता है। खिड़की खोलता है, खिड़की से दिखने वाले नीले आकाश को देखते हुए, वह वायरलेस डिवाइस से बात करता है। आज भी अच्छा है, कोई बदलाव नहीं, नायक चुपचाप वायरलेस डिवाइस से कहता है। प्रतिक्रिया कभी भी नहीं आती है, लेकिन नायक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा था, लेकिन वह ऐसा नहीं कर रहा था, इसलिए उसे परवाह नहीं है। नायक वायरलेस डिवाइस को टेबल पर रखता है, और उसके बगल में पड़ी किताब पढ़ना शुरू कर देता है। नायक को एहसास होता है कि वह अकेले एक बड़ी इमारत में है, लेकिन उसे कभी अकेला महसूस नहीं हुआ। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस इमारत में पूर्वजों द्वारा छोड़ी गई बड़ी संख्या में किताबें थीं। वे पुस्तकें पूर्वजों के जीवन की गवाही थीं और किंवदंतियाँ थीं। नायक द्वारा पढ़ी गई पहली पुस्तक उसकी माँ द्वारा लिखी गई एक नोटबुक थी, और उसके कई समान बिंदु हैं, इसलिए नायक इसे अपनी माँ की चीज़ के रूप में महत्व देता है।
नायक सतर्क है और अपना दिल नहीं खोलता। धीरे-धीरे एक-एक करके दिल खोलता है और करीब आता है।
बड़ी इमारत के चारों ओर एक सुंदर नीला समुद्र है। कोई जंगल और पहाड़ नहीं हैं। एक कदम आगे बढ़ने पर, पैर तुरंत पानी में डूब जाते हैं।
नायक को इस दुनिया को जानना और इस दुनिया से बाहर निकलना।



